धमतरी/नगरी
नगर पंचायत नगरी के वार्ड क्रमांक 14 स्थित गुढ़ियारी तालाब के पास शहीद गैद सिंग नायक जी के नाम से चौक निर्माण एवं उनकी प्रतिमा स्थापना हेतु चबूतरा निर्माण किया जाएगा। यह घोषणा नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने शहीद गैद सिंग नायक जी के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में की गई। कार्यक्रम में शहीद गैद सिंग नायक जी की शहादत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और अंग्रेजों के विरुद्ध किए गए संघर्ष को याद किया गया।
बताया गया कि शहीद गैद सिंग नायक जी ने बिना बंदूक और आधुनिक हथियारों के केवल तीर-कमान और भाले के बल पर अंग्रेजों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की तथा समाज को एकजुट कर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उनके इसी संघर्ष और बलिदान से आज भी समाज को दिशा और प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में नगर पंचायत नगरी के अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने अपनी अध्यक्ष निधि से 3 लाख रुपये की राशि शहीद गैद सिंग नायक जी की प्रतिमा स्थापना हेतु चबूतरा निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए स्वीकृत करने की घोषणा की। वहीं वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद शंकरदेव द्वारा अपनी पार्षद निधि से 2 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।
इसके साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा समाजजनों को 10 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कराए जाने का आश्वासन दिया गया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के भवन में 3 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय निर्माण की भी घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा ने कहा कि
“हमारे वीर शहीद गैद सिंग नायक जी ने बिना किसी आधुनिक हथियार के अंग्रेजों से संघर्ष किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर समाजजनों द्वारा दिखाई गई एकता सराहनीय है। आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से परिचित कराने के लिए यह चौक निर्माण और प्रतिमा स्थापना का संकल्प लिया गया है। हर वर्ष उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें इसी प्रकार याद किया जाता रहेगा।”
कार्यक्रम में पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष उमेश देव, हल्बा समाज के क्षेत्रीय अध्यक्ष उत्तम गौर, जनपद सदस्य शशि ध्रुव, उत्तम मरकाम, श्रीधन सोम, रामलाल श्रीमाली, नरेश सोम दुलेश्वर गौर डोमार सोम रचना चिड़ा शशि कला ध्रुव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने शहीद के बलिदान को नमन करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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