नारायणपुर
नारायणपुर पुलिस ने माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के शीर्ष लीडर और मेंबर्स के लिए सेफजोन माने जाने वाली बीहड़ और बेहद दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र "दिवालुर" में नवीन कैंप स्थापित की है।आपको बता दे यह वही एरिया है जहां डीआरजी, पुलिस बल और केंद्रीय फोर्स के जवानों ने कुख्यात माओवादी बसवा राजू सहित कई कुख्यात माओवादियों को इतिहास के पन्नों में दफन किया है।
नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
वहीं ओरछा के ग्राम दिवालूर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं कांदुलनार -ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के मक़सद से नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के मांद स्थल ग्राम दिवालूर में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम दिवालूर में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प दिवालूर थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है और जिला मुख्यालय नारायणपुर से 96 किलोमीटर,थाना ओरछा से 36 किलोमीटर, आदेर से 21 किलोमीटर और कैम्प बोटेर से 06 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
दिवालूर में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास के क्षेत्र रेकापारा, कुमनार, गुण्डेकोट, लेकवाडा, नेडअट्टे और दिवालूर में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।
दशकों से अलग थलग और अछूते अबूझमाड़ के इस क्षेत्र को मिलेगा मुख्य धारा का संपर्क
कुमनार से सोनपुर के मार्ग भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) से सीधे सड़क कनेक्टिविटी होगी जिससे आम नागरिकों को सड़क सुविधा के माध्यम से अलग-अलग सुविधाओं के साथ आवागमन की सुलभता प्राप्त होगी।
2025 में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा स्थापित कैंप
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदिनपार और मन्दोड़ा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है।
2026में अब तक स्थापित कैंप
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर और दिवालूर में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है।
महत्वपूर्ण भूमिका
पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर,रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर,सेनानी रोशन सिंह ओसवाल, 38 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी दुष्यंत राज जायसवाल, 29 वीं वाहिनी आईटीबीपी,सेनानी राजीव गुप्ता, 45 वीं वाहिनी आईटीबीपी,सेनानी पी पी सिद्दकी,44 वीं वाहिनी आईटीबीपी,सेनानी संजय कुमार,53 वीं वाहिनी आईटीबीपी,सेनानी नरेंद्र सिंह, 41 वीं वाहिनी आईटीबीपी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा,अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अभिषेक केसरी, उप पुलिस अधीक्षक अरविन्द किशोर खलखो,उप पुलिस अधीक्षक मनोज मंडावी,उप पुलिस अधीक्षक आशीष नेताम, उप पुलिस अधीक्षक अविनाश कंवर, उप पुलिस अधीक्षक कुलदीप बंजारे,उप पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह, रक्षित निरीक्षक मोहसिन खान और रक्षित निरीक्षक सोनू वर्मा के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी, 44वीं वाहिनी, 41वीं वाहिनी, 45वीं वाहिनी, 53 वीं वाहिनी और 29वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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