नियमो के पेंच में फंसी पंचायत, रेत माफियाओ को हुई चांदी
दन्तेवाड़ा जिले में रेत माफियाओं का जोर आज कल चरम पर है और खुले आम इनकी मनमानी चल रही है । और हो भी क्यों न जब इन्हें संरक्षण ही खनन विभाग से मिला हुआ हो तो कोई क्या कहे । इस पूरे वाक्ये को सार्थक सिद्ध करते हुए कांग्रेस कमिटी के जिला प्रवक्ता एवं महामंत्री विमल सलाम ने प्रेस विज्ञप्ति ज़ारी करते हुए कहा कि दन्तेवाड़ा में रेत माफियाओं की मानसिकता ऐसी है कि "जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का" । दन्तेवाड़ा जिला में सबसे पुराना और चर्चित रेत घाट है ग्राम पंचायत बालूद का पर इसपर विमल ने तंज कसते हुए कहा कि सबसे विवादित रेत घाट भी बालूद पंचायत का ही है जो कि जिला मुख्यालय से है तो महज 7किमी की दूरी पर फिर भी खनन विभाग की अधिकारियों के नज़रों से कोसो दूर है ये शायद यह कहे कि सब कुछ देख भी विभाग ने आंखें मूंद ली हो ।
विमल सलाम ने कहा कि बालूद ग्राम पंचायत में इन दिनों रेत माफियाओं ने पूरा अपना जाल फैला रखा है जिसके आगे प्रशासन भी नतमस्तक हो चुका है । हालात ऐसी की घाट में रेत के दाम आसमान छू रहे है जिससे आम जनता त्राहिमाम कर चुकी है । बालूद पंचायत के रेट घाट से अमूमन पूरे जिले की रेत पूर्ति की जाती है और सबसे ज्यादा किरन्दुल बचेली शहर में यहाँ के रेट खपत होते है । इस घाट की उच्चतम किस्म का रेत निकलता है जो कि एनएमडीसी के मानकों पर खरा उतरता है, जिस वजह ये यहाँ की रेत की अच्छी - खासी मांग है । पर आज स्थिति ऐसी है की रेत घाट में इसके दाम आसमान छू रहे है । अवैध रेत भंडारण अपने चरम पर है । स्थिति ऐसी की अगर विभाग को शिकायत की जाये तो खानापूर्ति के नाम पर मामूली जुर्माना कर छोड़ दिया जाता जिससे इनके मंसूबो को और बल मिल जाता है । विमल ने कहा कि अगर और दबाव बना के शिकायत की जाए तो जांच नाका में बैठ कर रेत परिवहन में लगे बड़ी गाड़ियों एवं वाहन चालकों को परेशान किया जाता है और न कि उन्हें जहाँ से इन्हें ये रेत मिल रही है । विमल ने कहा कि आलम यह कि जिस समस्या को जड़ से हल करना चाहिए तो ऊपरी ऊपरी खानापूर्ति कार्यवाही की जाती और समस्या यथावत रहती है ।
इस पूरे मामले में विमल सलाम ने खनन विभाग को आड़े हाँथ लेते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द इस समस्या का उचित निवारण नही किया गया और आसमान छुते दामो को अगर नियंत्रित नही किया गया तो आने वाले समय मे कांग्रेस कमिटी अपनी जांच दल बना कर इस मामले में जाँच करेगी और उग्र आंदोलन करेगी । विमल ने कहा कि अवैध रेत खनन के खिलाफ के खनन विभाग को मुस्तैदी से नज़र रखने की जरूरत है न कि नियमो के पेंच में फंस कर की अवैध खनन एवं बिक्री की बढ़ावा दी जाए । विमल ने कहा कि दाम नियंत्रित रखना चाहिए जिससे आम जनता पर इसका बोझ न बढ़े
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