सुकमा - जिले के किरकिपाल निवासी फूल कुमार बघेल की नदी में डूबने से हुई मौत के बाद पोस्टमार्टम (पीएम) में हो रही देरी को लेकर परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। मृतक के शव को पहले छिंदगढ़ अस्पताल लाया गया, जहां से उसे सुकमा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन घटना के एक दिन बाद भी पीएम नहीं हो सका। इससे नाराज परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए।
गुरुवार को परिजनों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय और जिला अस्पताल के सामने शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि एक गरीब परिवार के मृतक का समय पर पोस्टमार्टम तक नहीं हो पा रहा है, यह स्वास्थ्य व्यवस्था की पूरी तरह से विफलता को दर्शाता है। प्रशासन की उदासीनता के कारण परिजनों को घंटों नहीं बल्कि पूरे दिन से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय स्थिति है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यदि जल्द ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
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