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आवासीय विद्यालय की छात्रा गर्भवती मिलने से हड़कंप हेवी ब्लीडिंग के बाद अस्पताल पहुंची नाबालिग, गर्भपात की दवा देने की आशंका,युवक पर मामला दर्ज


रिपोर्टर ओलम नागेंद्र
सुकमा - कोंटा ब्लॉक में संचालित एक आवासीय विद्यालय की नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। तबीयत बिगड़ने और तेज रक्तस्राव की शिकायत के बाद छात्रा को 9 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सुकमा रेफर कर दिया।

सूत्रों के अनुसार छात्रा गर्भवती थी और आशंका जताई जा रही है कि उसे गर्भपात की दवा दी गई थी। हालांकि यह दवा छात्रा को आश्रम परिसर में दी गई या उसने कहीं और से ली, यह अब जांच का विषय बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस दोनों स्तर पर मामले की पड़ताल की जा रही है।

नाबालिग से संबंध, युवक पर केस दर्ज
प्राथमिक जानकारी के अनुसार छात्रा के साथ संबंध बनाने वाला युवक घटना के समय नाबालिग था, लेकिन अब वह बालिग हो चुका है और उसे 11 दिन पहले ही 18 वर्ष की आयु पूरी हुई है। इस मामले में कोंटा थाना में आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

आश्रम प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाली छात्रा की गर्भावस्था की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी। यदि छात्रा को गर्भपात की दवा दी गई है, तो यह भी जांच का विषय है कि यह दवा किसने और कहां से दी। इस कारण आश्रम प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक ने बताया कि छात्रा के पहुंचते ही उसकी प्रारंभिक जांच कर उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार छात्रा पेट में तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत लेकर आई थी। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती रखा गया और लगातार निगरानी में इलाज किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि 9 और 10 मार्च दोनों दिन छात्रा का इलाज जारी रहा। दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए आगे की विस्तृत जांच के लिए जिला अस्पताल सुकमा रेफर कर दिया गया।

डॉक्टरों के अनुसार मामले में एमएलसी की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। छात्रा का एमएलसी जिला अस्पताल सुकमा में किया गया, जबकि संबंधित युवक का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोंटा में कराया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के कारणों को लेकर जांच जारी है। चिकित्सकों का कहना है कि गर्भावस्था या अन्य चिकित्सकीय स्थिति की पुष्टि जिला अस्पताल में की गई विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल छात्रा का उपचार जिला अस्पताल में जारी है और पूरे मामले की चिकित्सकीय तथा पुलिस स्तर पर जांच की जा रही है।

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