रिपोर्टर शिवलाल मरकाम
कोंडागांव - माकड़ी जिले के गारे फीडर अंतर्गत आने वाले ग्राम गारे, उड़ेगा, जड़केगा, ओड़री, काटागांव एवं बुड़रा के किसानों ने क्षेत्र में लगातार बनी लो वोल्टेज और अत्यधिक बिजली कटौती की समस्या को लेकर रांधना विद्युत वितरण केंद्र पहुंचकर कनिष्ठ यंत्री को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होने पर किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
किसानों ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है, जिससे ग्रीष्मकालीन फसलें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। बिजली की अनियमित आपूर्ति के चलते सिंचाई के लिए लगे विद्युत पंप सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है और फसलें सूखने लगी हैं। किसानों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
ज्ञापन में किसानों ने उल्लेख किया कि अधिकांश किसानों ने ग्रीष्मकालीन खेती के लिए ऋण लिया हुआ है। ऐसे में सिंचाई बाधित होने और फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। किसानों ने कहा कि फसल चौपट होने पर कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे किसान परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है।
किसानों ने विद्युत विभाग द्वारा लागू बिजली कटौती समय-सारणी पर भी नाराजगी जताई और कहा कि वर्तमान समय सारणी खेती-किसानी के अनुकूल नहीं है। ज्ञापन में सुबह 5 बजे से 6 बजे तक तथा 8 बजे से 9 बजे तक की निर्धारित बिजली कटौती को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही शाम 6 बजे से 8 बजे तक की कटौती को हटाकर रात 10 बजे के बाद करने का सुझाव दिया गया, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
इसके अलावा किसानों ने क्षेत्र में लगातार बनी लो वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि कई बार वोल्टेज इतना कम रहता है कि मोटर पंप चालू ही नहीं हो पाते। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने ग्राम पंचायत बालोंड में प्रस्तावित पावर हाउस का कार्य भी शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की, ताकि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति मजबूत हो सके और बार-बार उत्पन्न होने वाली समस्याओं से राहत मिल सके।
किसानों ने कहा कि ग्रामीण अंचल के किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि खेती पूरी तरह बिजली आधारित सिंचाई पर निर्भर है। उन्होंने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या के निराकरण की मांग की।
ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के किसान एकजुट होकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन और विद्युत विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षेत्र के किसान ग्राम पंचायत काटागांव सरपंच मोती राम मरकाम ग्राम पंचायत उदेगा सोनाराम सोरी अंत जैन दिनेश नेताम जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने एक स्वर में कहा कि फसल और किसानों के हित में बिजली व्यवस्था सुधारना समय की मांग है।
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