धमतरी/नगरी - वनांचल और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित प्राचीन गौतम ऋषि पर्वत को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है।
जय गौतम ऋषि सेवा समिति मांदागिरी ने आज कलेक्टर अविनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा को प्रस्ताव सौंपा। समिति अध्यक्ष मंगल सिंग नाग ने बताया कि प्रशासन द्वारा गंगरेल डुबान और दुर्गम पर्यटन स्थलों के भ्रमण की पहल से प्रेरित होकर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
समिति की तीन प्रमुख मांगें हैं -
पहली, गौतम ऋषि पर्वत तक 12 किमी इको ट्रैकिंग रूट विकसित किया जाए और वहां मूलभूत सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
दूसरी, नगरी-करका-मांदागिरी से मेचका तक 55 किमी बारहमासी सड़क का निर्माण हो।
तीसरी, सोढुर और आमकड़ा नदी पर उच्च स्तरीय पुल-पुलिया बने, ताकि बरसात में 15 से अधिक गांवों का संपर्क न टूटे।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क और पुल के अभाव में 4 महीने तक क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी होती है। पर्यटन विकसित होने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को गाइड, होम-स्टे और रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही समिति ने पर्वत परिसर में सोलर लाइट लगाने की भी मांग की है।
इस दौरान जनपद सदस्य सिरधन सोम, संत नेताम, राधिका नेताम, नरेश मांझी, संजय भंडारी, दुलछद कुंजाम, बीरबल पदमाकर, ईश्वरी नेताम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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