धमतरी/नगरी - सितानदी-उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आदिवासी समाज एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में है। जल जंगल संघर्ष समिति ने 24 सितंबर गुरुवार सुबह 11 बजे ग्राम खल्लारी के बाजार चौक में 128 गांवों की महा-बैठक बुलाई है।
समिति के पदाधिकारियों मनोज साक्षी, श्रीधन सोम, संजय नेताम और अन्य ने बताया कि दो माह पहले सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर 8 से 10 हजार आदिवासियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया था। यह अब तक का सबसे बड़ा जमावड़ा था, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरा अभयारण्य क्षेत्र प्रशासनिक रूप से धमतरी जिले में आता है, जबकि वन विभाग के मामले गरियाबंद वन मंडल देखते हैं। इसी दोहरे सिस्टम के कारण धमतरी प्रशासन सकारात्मक पहल नहीं करता और विकास कार्य अटके हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले विस्थापन के लिए दबाव बनाया गया, फिर जमीन को अवैध बताया गया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी गई। इससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश है।
बैठक के चार मुख्य एजेंडे तय किए गए हैं। पहला, सभी 128 गांवों के ग्रामसभा प्रस्तावों का संकलन कर कानूनी लड़ाई के लिए दस्तावेज तैयार करना। दूसरा, उपस्थिति पंजी बनाकर संगठन की ताकत दिखाना। तीसरा, वन परिक्षेत्र अधिकारी के खिलाफ थाना खल्लारी में FIR दर्ज कराने की रणनीति बनाना। चौथा, आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रति घर 50 रुपये सहयोग राशि जुटाना।
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