कोंडागांव/माकड़ी। लगातार हो रही बारिश के बीच ग्राम पंचायत काटागांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। लगातार बारिश के चलते जमीन कमजोर होने से बरगद का विशाल पेड़ अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से सुरेन्द्र नाग एवं लच्छू महावीर के मकान को भारी नुकसान पहुंचा है। पेड़ की भारी शाखाएं मकान के ऊपर गिरने से घर की छत और दीवारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
हादसे के बाद मौके की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मकान की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। कई जगहों से दीवारें टूट गई हैं और मकान का हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया है। वहीं पेड़ की मोटी शाखाएं और बड़ी मात्रा में टूटी हुई डालियां घर के आसपास बिखरी पड़ी हैं। लगातार बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुकी मिट्टी और मकान की संरचना पर भी इसका असर पड़ा है।
गनीमत रही, नहीं हुई जनहानि
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरने के दौरान कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि पेड़ गिरने के समय परिवार के सदस्य घर के क्षतिग्रस्त हिस्से में मौजूद होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद परिवार और आसपास के ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
बारिश के बीच परिवार के सामने रहने का संकट
मकान को हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवार के सामने बारिश के मौसम में रहने की समस्या खड़ी हो गई है। घर की दीवारों और छत के क्षतिग्रस्त होने से परिवार को आगे भी बारिश के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों ने की प्रशासन से सहायता की मांग
घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग एवं संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मकान और संपत्ति को हुए नुकसान का निरीक्षण करें। साथ ही प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत राशि एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि बारिश के इस मौसम में परिवार को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने मकानों, कमजोर दीवारों और बड़े पेड़ों से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षा संबंधी कदम उठाने की भी मांग की है।
फिलहाल इस घटना में जनहानि नहीं होने से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मकान को हुए नुकसान ने प्रभावित परिवार की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं।
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