नगरी : सीतानदी - उदंती क्षेत्र में जल, जंगल, जमीन की लड़ाई अब थाने से निकलकर SDOP कार्यालय के घेराव तक पहुंच गई है।
भारी बरसात में भी 128 गांवों की महा-बैठक
भारी बरसात के बीच भी 24 सितंबर गुरुवार को ग्राम खल्लारी के बाजार चौक में 128 गांवों की महा-बैठक हुई, जिसमें रेनकोट और छतरी लेकर लगभग 1000 की संख्या पहुंचने की जानकारी संघर्ष समिति ने दी।* राजा पड़ाव, रिसगांव, बेलरबाहरा, ठेनही, बोराई,खल्लारि,ऊजरावन,करका, बहिगांव, उदंती, गहनासियार सहित सभी पारा-टोला के ग्रामीणों ने "ये लड़ाई जारी रहेगी जब तक न्याय नहीं मिलेगा" की हुंकार भरी।
थाना प्रभारी को सौंपा SP के नाम ज्ञापन
इससे पहले जल, जंगल, जमीन बचाव संघर्ष समिति सीतानदी-उदंती ने पुलिस अधीक्षक धमतरी के नाम का लिखित ज्ञापन थाना प्रभारी खल्लारी को सौंपा। समिति ने वन विभाग के अधिकारियों और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर आदिवासी ग्रामीणों को विस्थापन के लिए धमकाने, PESA ग्रामसभा का अपमान करने और 'अनपढ़-गंवार' जैसी अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों पर क्या-क्या आरोप लगाकर धमकाया?
समिति ने बताया कि 9 सितंबर को वन विभाग की टीम ग्राम पंचायत करका पहुंची और विस्थापन का दबाव बनाया, विरोध पर अतिक्रमणकारी बताकर धमकी दी गई। PESA का हवाला देने पर "अपराधी को पूछकर गोली मारे क्या?" कहा गया। वहीं 22 सितंबर को DFO के नेतृत्व में टीम के एक कर्मचारी ने ग्रामीणों को अनपढ़-गंवार कहा।
*एक सप्ताह का अल्टीमेटम, फिर SDOP कार्यालय घेराव*
समिति ने अल्टीमेटम दिया है कि एक सप्ताह में FIR नहीं हुई तो SDOP कार्यालय नगरी का घेराव होगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
महा-बैठक में मनोज साक्षी ,सिरधन सोम, रेवा देवदास, माखन सलाम, धनेश मरकाम, संजय नेताम, हिम्मत सिंह नेताम, टीकम नागवंशी, लोकेश्वरी नेताम, अर्जुन नायक, दैनिक राम मंडावी, मंगल सिंह नाग, चंद्रकुमार अग्रवानी रिसगांव, नरेश मांझी बेलरबाहरा, रवि नेताम बहिगांव, लक्ष्मण सिंह मरकाम, करन सिंह नाग उदंती, भानू राम नेताम राजापड़ाव, कुंजल नेताम, गोकुल नेताम सहित सलाहकार मंडल ईश्वरी नेताम, गोपाल सोरी, बुधराम मांझी व अन्य, मीडिया प्रभारी पुरन मेश्राम, जगत कुंजाम, ऋषि ओटी, प्रभाष नाग, रोहन नेताम, सुभाष सोरी सहित 128 ग्राम के पटेल, गायता, पुजारी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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