धमतरी- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के फैसले के खिलाफ आदिवासी कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।
आज जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय धमतरी पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है और "आदिम" शब्द सिर्फ विभाग का नाम नहीं बल्कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक पहचान और गौरव का प्रतीक है।
आरोप है कि सरकार ने बिना आदिवासी समाज और संगठनों से चर्चा किए ही यह निर्णय लिया है, जिससे समाज में भारी आक्रोश है।
आदिवासी कांग्रेस का कहना है कि "आदिम" शब्द इस बात का बोध कराता है कि आदिवासी इस धरती के मूल निवासी और प्रथम नागरिक हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि आदिवासी भावनाओं का सम्मान करते हुए विभाग का नाम पूर्ववत "आदिम जाति विकास विभाग" ही रखा जाए।
जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने कहा कि आदिवासी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा, सरकार को यह निर्णय वापस लेना चाहिए।
इस दौरान पूर्व विधायक लेखराम साहू, शरद लोहाना, मोहन लालवानी, दीपक सोनकर, विजय देवांगन, राजू सोम, नेकू परते सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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