उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व के इन्दागांव (बफर) परिक्षेत्र के काण्डसर बीट में पेट्रोलिंग के दौरान एक गिद्ध बीमार स्थिति में पाया गया जिसका सफल रेस्क्यू किया गया है।बता दे जानकारी के अनुसार पेट्रोलिंग के दौरान श्रमिक राधेश्याम यादव द्वारा गिद्ध को बीमार अवस्था में देखते ही परिक्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार सागर को तत्काल इसकी जानकारी दी जिन्होंने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।रेस्क्यू टीम के अनुसार डी-हाइड्रेशन या बिमारी की वजह से गिद्ध की तबियत खराब थी जिस कारण वह उड़ नही पा रहा था एवं गर्दन झुकाकर बैठा हुआ था।बिलासपुर के वल्चर एक्सपर्ट अभिजीत शर्मा द्वारा टेलीफोनिक कांफ्रेंस में उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व की टीम को सुरक्षित रेस्क्यू करने पूरी जानकारी दिया गया। गिद्ध को पानी एवं आर्टिफीसियल फीड (आहार) दिया गया और गिद्ध को घने जंगल से सुरक्षित निकाल कर बीट गार्ड रामकृष्ण साहू को जिम्मेदारी देते हुए गरियाबंद परिवहन किया गया।
वाइट रम्पड वल्चर (white rumped vulture) ने महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिज़र्व से उड़ान भरी थी जिसके पीठ पर माइक्रो ट्रांसमीटर और जीपीएस लगा हुआ था।जंगल सफारी से डॉक्टर जडिया एवं ऋचा ने गरियाबंद पहुंचकर गिद्ध को रेस्क्यू केज में शिफ्ट किया जहां से उसे नया रायपुर स्थित जंगल सफारी लेकर जाया जा रहा है।उपचार के उपरान्त गिद्ध को पुनः सुरक्षित रहवास में छोड़ा जाएगा।उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व में 70 प्रतिशत पहाड़ी वन क्षेत्र है जिनमे से ओढ़-आमामोरा की पहाडियों में पूर्व में भी गिद्धों की उपस्तिथि दर्ज की गयी है।
उक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में इन्दागांव परिक्षेत्र की टीम एवं जंगल सफारी की टीम का अहम् योगदान रहा।
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