खबर बाज न्यूज़

बीजापुर में पैंगोलिन शिकार का भंडाफोड़: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार

खबरबाज न्यूज़ | बीजापुर

बीजापुर जिले में वन्यजीव संरक्षण के तहत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पैंगोलिन के शिकार और उसकी अवैध तस्करी के मामले में वनमंडल बीजापुर एवं इंद्रावती टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बीजापुर की अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

गोपनीय सूचना के आधार पर हुई छापेमार कार्रवाई

वन विभाग को सूचना मिली थी कि भोपालपटनम क्षेत्र के सैंड्रापारा गांव में कुछ लोग संरक्षित वन्यजीव पैंगोलिन का शिकार कर उसकी तस्करी में शामिल हैं। सूचना मिलते ही वनमंडल बीजापुर और इंद्रावती टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गांव में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान तीन संदिग्धों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों के शिकार और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

पैंगोलिन क्यों है महत्वपूर्ण?

पैंगोलिन दुनिया के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले वन्यजीवों में से एक माना जाता है। यह IUCN की रेड लिस्ट में शामिल एक संरक्षित प्रजाति है। भारत में इसके शिकार, खरीद-फरोख्त और तस्करी पर कड़े कानूनी प्रावधान लागू हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए अपील

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार, तस्करी या अवैध व्यापार की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। वन्यजीवों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।


---

खबरबाज न्यूज़
"सच्चाई की धारा"

Post a Comment

Previous Post Next Post