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दंतेवाड़ा में बिजली की बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन शुरू, भाजपा सरकार पर जनता को लूटने का आरोप


दंतेवाड़ा। जिला कांग्रेस कमेटी दंतेवाड़ा द्वारा आज जिला कांग्रेस भवन में बिजली दरों में लगातार की जा रही वृद्धि, स्मार्ट मीटर लगाए जाने तथा उपभोक्ताओं की बढ़ती समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शकील मोहम्मद रिज़वी ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिजली दरों में की गई वृद्धि वापस लेने, स्मार्ट मीटर हटाने तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को पुनः लागू कराने के लिए प्रदेशव्यापी जनआंदोलन शुरू कर रही है।उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलों में प्रेस वार्ता आयोजित कर बिजली दरों में वृद्धि का विरोध किया जा रहा है। 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर आम नागरिकों से आवेदन एवं विरोध-पत्र भरवाएंगे। यह अभियान लगातार दो माह तक चलेगा।इसके बाद प्रत्येक जिले में एकत्रित आवेदनों के साथ बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर ज्ञापन एवं आवेदन सौंपे जाएंगे तथा उनकी पावती ली जाएगी। इसके पश्चात प्रदेशभर से प्राप्त पावतियों के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई माह से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे तथा कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दरों में वृद्धि की है। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह बिजली दरों में पांचवीं बढ़ोतरी है तथा अब तक कुल 31.23 प्रतिशत की वृद्धि की जा चुकी है।प्रेस वार्ता में कहा गया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पांच वर्षों के दौरान बिजली दरों में केवल 2 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई थी और उस समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू होने से आम उपभोक्ताओं को राहत मिल रही थी।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को तीन से चार गुना तक अधिक बिजली बिल मिल रहे हैं। बिना उपभोक्ताओं की सहमति के उनके बिजली कनेक्शन का अनुबंध भार बढ़ाया जा रहा है तथा स्मार्ट मीटर के माध्यम से अधिक खपत दर्ज कर अतिरिक्त अर्थदंड जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं।कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि अधिक बिजली बिल आने के तीन प्रमुख कारण हैं—बिजली दरों में लगातार वृद्धि, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना तथा स्मार्ट मीटरों द्वारा अधिक खपत दर्ज किया जाना।प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि संसद में अप्रैल 2026 के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और किसी भी उपभोक्ता पर उसकी सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता। ऐसे में छत्तीसगढ़ में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए।*

*कांग्रेस की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—*

- बिजली दरों में की गई वृद्धि तत्काल वापस ली जाए।
- 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना पुनः लागू की जाए।
- प्रदेशभर में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर वापस लिए जाएं।

*कांग्रेस ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश एवं तमिलनाडु जैसे राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर पुनर्विचार किया गया है। इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय वापस ले और आम जनता को राहत प्रदान करे।इस दौरान पीसीसी सयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा, जिला महामंत्री मनीष भट्टाचार्य, जिला महामंत्री विवेक देवांगन, जिला महामंत्री वीरेंद्र गुप्ता, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश महासचिव विमल सलाम,जिला सचिव जीतेन्द्र कश्यप, ब्लॉक अध्यक्ष दंतेवाड़ा शहर सुमित्रा शोरी,जिला कांग्रेस मिडिया प्रभारी मनीष ठाकुर, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गणेश दुर्गा मौजूद रहे।*

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