धमतरी/नगरी। विकासखंड नगरी की आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित साँकरा में नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया है। यहां 50-55 साल तक सेवा देने के बाद रिटायर हो चुके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) से अब भी लगातार सेवा ली जा रही है, जो सहकारिता नियमों के सीधे खिलाफ है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रिटायरमेंट के बाद भी वही कर्मचारी रोज सोसायटी में खाद वितरण, ऑफिस कार्य, गोदाम संभालने जैसे कार्य करते देखा जा रहा है। जबकि शासकीय नियमानुसार सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी कर्मचारी को नियमित सेवा में नहीं रखा जा सकता।
इस मामले को लेकर गांव के बेरोजगार युवाओं में भारी नाराजगी है। बेरोजगार युवा होमन साहू, राजेश साहू, संजय साहू, चंद्रहास साहू, दुर्गेश भंडारी, सचान चनाप, विनय साहू, शुभम साहू ने सवाल उठाया कि अगर कर्मचारी की जरूरत ही थी तो उसे रिटायर क्यों किया गया? और रिटायर करने के बाद दोबारा क्यों रखा गया? आखिर प्रबंधक की ऐसी क्या मजबूरी है?
बेरोजगार युवाओं ने लगाए आरोप -
1. नियमों के खिलाफ रिटायर्ड कर्मचारी को रखना अनियमितता है।
2. इससे पात्र बेरोजगार युवाओं का हक मारा जा रहा है।
3. 50-55 साल सेवा लेने के बाद भी दोबारा रखना युवाओं के साथ अन्याय है।
बेरोजगार युवा लाकेश्वर साहू ने कहा - मैंने ग्रेजुएशन कर लिया है, आज भी बेरोजगार हूं। गांव में पोस्ट खाली है तो पंचायत के माध्यम से कलेक्टर दर पर युवाओं को रोजगार देना चाहिए, रिटायर्ड को नहीं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिन के भीतर रिटायर्ड कर्मचारी को नहीं हटाया गया तो वे कलेक्टर धमतरी और उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं से शिकायत करेंगे और पूरे मामले की जांच की मांग करेंगे।
प्रबंधक का पक्ष -
इस संबंध में प्रबंधक जीवन लाल साहू ने कहा कि कर्मचारी रिटायर्ड हो गए हैं, लेकिन खाद स्टॉक और किसानों को तकलीफ न हो इसलिए अस्थायी रूप से रखा गया था। अब किसानों की समस्या नहीं है, 10 दिन के भीतर रिटायर्ड कर्मचारी को हटा दिया जाएगा।
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