रायपुर - खरोरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मढ़ी के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खपरी बंजारी धाम से लगे हरे-भरे जंगल को उजाड़ने की तैयारी ने पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रकृति की गोद में बसे इस शांत और मनमोहक स्थल पर अब विकास के नाम पर विनाश की योजना बनाई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, CSEB (CSPDCL) द्वारा उद्योगों को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से यहां लगभग 3000 पेड़ों की कटाई का आदेश जारी किया गया है। यह फैसला न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि स्थानीय लोगों की आस्था, आजीविका और क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं पर भी सीधा हमला है।
आज इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए भावेश बघेल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओबीसी विभाग) मौके पर पहुंचे और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की। ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस निर्णय का कड़ा विरोध किया और अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि यह जंगल उनके जीवन का हिस्सा है—यहां की हरियाली, जल स्रोत और पर्यावरण ही उनकी पहचान है।
भावेश बघेल ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा—
“भाजपा सरकार विकास के नाम पर लगातार प्रकृति का दोहन कर रही है। 3000 पेड़ों की कटाई केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की सांसों पर वार है। बंजारी धाम जैसे पवित्र और पर्यटन स्थल को नुकसान पहुंचाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।सरकार को तुरंत इस फैसले को वापस लेना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि—
“कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में हम सभी मिलकर कलेक्टर के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज करेंगे और इस जनविरोधी निर्णय को हर हाल में रुकवाने के लिए संघर्ष करेंगे। जरूरत पड़ी तो व्यापक आंदोलन भी किया जाएगा।”
ग्रामीणों में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि वे अपने जंगल और पर्यावरण की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
कांग्रेस पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वह जनता की भावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी कीमत पर बंजारी धाम के पास जंगल को उजड़ने नहीं देगी।
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