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धरसीवा–उरला औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का संगठित शोषण—हक दिलाने सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस : भावेश बघेल


रायपुर - धरसीवा एवं उरला औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों मजदूर आज अपने ही हक के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों में मजदूरों का खुलेआम शोषण किया जा रहा है, जहां उन्हें न तो शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) दी जा रही है और न ही तय समय सीमा के अनुसार कार्य कराया जा रहा है। कई उद्योगों में मजदूरों से 10-12 घंटे तक काम लिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप न तो ओवरटाइम दिया जा रहा है और न ही किसी प्रकार की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

भावेश बघेल ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ जैसे श्रमिक बहुल प्रदेश में मजदूरों के साथ इस प्रकार का अन्याय हो रहा है। उद्योग प्रबंधन द्वारा ठेका प्रथा के नाम पर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है, जिससे वे न तो स्थायी लाभ प्राप्त कर पा रहे हैं और न ही उन्हें किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा मिल रही है। ईएसआई, पीएफ, बोनस, छुट्टी और सुरक्षित कार्यस्थल जैसी मूलभूत सुविधाओं से मजदूरों को वंचित रखा जा रहा है, जो सीधे-सीधे श्रम कानूनों का उल्लंघन है।

उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और भाजपा सरकार इस पूरे मामले में पूरी तरह निष्क्रिय बनी हुई है। श्रम विभाग की उदासीनता और प्रशासन की चुप्पी के कारण उद्योगपतियों के हौसले बुलंद हैं और मजदूरों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना यह दर्शाता है कि सरकार मजदूरों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है।
भावेश बघेल ने कहा कि मजदूर वर्ग ही किसी भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है, लेकिन आज उसी वर्ग को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों को न उचित वेतन मिल रहा है, न समय पर भुगतान हो रहा है, और न ही उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा की कोई चिंता की जा रही है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक और अस्वीकार्य है।

उन्होंने प्रदेश के सभी मजदूर भाइयों-बहनों से आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं। कांग्रेस पार्टी हमेशा मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हक और सम्मान की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।
भावेश बघेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही मजदूरों के शोषण पर रोक नहीं लगाई गई, न्यूनतम मजदूरी का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया और श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया, तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी। आने वाले समय में धरसीवा–उरला क्षेत्र में चक्का जाम, धरना-प्रदर्शन और घेराव जैसे बड़े आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और उद्योग प्रबंधन की होगी।
उन्होंने कहा,

“अब जागने का समय आ गया है। मजदूरों के अधिकारों के लिए हम हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे—चाहे इसके लिए सड़कों पर उतरना पड़े या बड़ा जनआंदोलन करना पड़े। मजदूरों के साथ अन्याय अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

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