अबूझमाड़ क्षेत्र में मानवता की मिसाल पेश करते हुए आईटीबीपी द्वारा एक गर्भवती आदिवासी महिला की सुरक्षित प्रसव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
नारायणपुर - अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा के लंका पंचायत के ग्राम पदमेटा की एक आदिवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की एंबुलेंस द्वारा ओरछा ले जाया जा रहा था किंतु अत्यंत खराब सड़क स्थिति एवं आपात परिस्थितियों के कारण महिला को लगभग 42 किलोमीटर दूर स्थित CHC ओरछा तक ले जाना संभव नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में CHC के चिकित्सा स्टाफ ने दोपहर आईटीबीपी कैंप, डोडीमरका से सहायता का अनुरोध किया।
सूचना मिलते ही कंपनी कमांडर, सहायक कमांडेंट रविंदर गुलेरिया ने बिना किसी विलंब के उपलब्ध मेडिकल स्टाफ एवं जवानों को आवश्यक निर्देश दिए। आईटीबीपी द्वारा तत्काल एक अलग टेंट स्थापित कर उसमें प्रसव हेतु बिस्तर, पर्याप्त रोशनी, गर्म पानी एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
CHC की एंबुलेंस से आई महिला चिकित्साकर्मियों एवं नर्सों के सहयोग से डोडीमरका कैंप में ही सुरक्षित रूप से शिशु का सफल प्रसव कराया गया। पूरे समय आईटीबीपी द्वारा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई गई।
सफल प्रसव के उपरांत कैंप परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल रहा। CHC के चिकित्सा स्टाफ ने आईटीबीपी बल द्वारा दिखाई गई तत्परता, मानवीय संवेदना एवं निस्वार्थ सहयोग की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
यह घटना दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों की जनसेवा एवं मानवता के प्रति प्रतिबद्धता का एक सराहनीय उदाहरण है।
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