स्वामी विवेकानंद जयंती अवसर पर स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च स्टेशन, फैकल्टी ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के सेमिनार हॉल में एक संक्षिप्त किंतु प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. टॉप लाल वर्मा, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, शासकीय छत्तीसगढ़ कॉलेज रहे। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एमएल वर्मा जी उपस्थित थे। कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की विशेष उपस्थिति रहे । इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के संचालक डॉ. विवेक त्रिपाठी, सह-संचालक डॉ. धनंजय शर्मा, कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा, पूर्व अधिष्ठाता डॉ. विनय पांडेय एवं डॉ. एस.वी. जोगदंड भी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन एनएसएस की ओर से निहाल कुमार पांडेय द्वारा किया। तत्पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया एवं सरस्वती वंदना का आयोजन हुआ।
इसके पश्चात कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा जी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. टोपलाल वर्मा जी ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन परिचय, उनके विचारों एवं युवाओं के लिए उनके आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम के अंत में डॉ. एस.वी. जोगदंड ने विद्यार्थियों से विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाकर कृषि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार और समाजसेवा के लिए प्रेरित किया। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए निहाल कुमार पांडेय ने "नशे के चंगुल में फँसती युवा पीढ़ी" विषय पर एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी भाषण दिया, जिसने उपस्थित जनसमूह को आत्मचिंतन हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की टीम तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशुतोष दुबे के मार्गदर्शन में किया गया। तत्पश्चात निहाल कुमार पांडेय द्वारा कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।
यह कार्यक्रम युवाओं में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने,आत्मनिर्भरता,चरित्र निर्माण एवं नशामुक्त समाज की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ।
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