दंतेवाड़ा - जय अंबे इमरजेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी संजीवनी 108 कंपनी के अधिकारियों के द्वारा शोषण ईएमटी और पायलट को प्रताड़ित किया जा रहा है। बेवजह ईएमटी और पायलट को अधिकारियों के द्वारा नो वर्क नो पेमेंट में रखा जा रहा है। यदि किसी भी संजीवनी 108 एम्बुलेंस में गाड़ी खराब होती है तो ईएमटी पायलट के ऊपर आरोप लगाया जाता है। लगभग सभी एंबुलेंस 108 तीन से चार लाख चल चुकी है। सभी एंबुलेंस की मेंटेनेंस की बहुत ही आवश्यकता है क्योंकि जन सेवा देने में सक्षम नहीं है।
मेंटेनेंस के नाम पर अधिकारियों द्वारा खानापूर्ति की जा रही है।संबंधित वेंडरों का पेमेंट भी नहीं किया जा रहा है जिस वजह से मेंटेनेंस सही समय पर नहीं की जा रही है। पायलट पर आरोप लगाकर कंपनी से बाहर किया जा रहा है और अप्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन से गाड़ी चलाया जा रहा है जिनके पास में ना ही ड्राइविंग लाइसेंस है ना गाड़ी चलाने का अनुभव है इसके चलते मरीजों के जान पर भी बनी रहती है। टेक्नीशियन को भी नौकरी बचाने के लिए मजबूरी में गाड़ी चलाना पड़ता है एक एंबुलेंस में महीने का 90 कैस करने का टारगेट रहता है जो की टारगेट पूरा नहीं होने पर फर्जी केस बनाकर टारगेट पूरा कराया जाता है और तो और फर्जी बिल बनाकर सरकार से राशि आहरण किया जा रहा है कोई गाड़ी गैरेज में एक साल से खड़ी है तो कोई 15 दिन से खड़ी है कोई 2 महीने से खड़ी है सभी गाड़ियों का फर्जी बिल लगाकर राशि हरण किया जा रहा है गवर्नमेंट को चूना लगाया जा रहा है अक्टूबर नवंबर महीने से 70% केस फर्जी बनाया जा रहा है यह हेमराज सिंह ठाकुर के द्वारा जबरदस्ती दबाव डालकर बनवाया जा रहा है सभी एंबुलेंस में लगभग जरूरी जीवन दायिनी दवाई वह भी नहीं है और जरूरी इक्विपमेंट भी नहीं है।
दंतेवाड़ा जिले में संजीवनी एक्सपर्ट की छह गाड़ियां प्रदाय की गई है जिसमें 90% गाड़ियों की मेंटेनेंस नहीं हुई है और यह चलने लायक भी नहीं है किसी गाड़ी का सायरन नहीं बचता किसी गाड़ी में हेडलाइट नहीं जल तक किसी गाड़ी में पेशेंट के बिन में लाइट नहीं है किसी में पायलट के बिन में लाइट नहीं है बहुत सारी परेशानियां है कंपनी के अधिकारियों को सूचित करने पर सीधे मुंह बात नहीं करते हैं।
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