सुकमा - कोंटा में संचालित आवासीय विद्यालय से जुड़ा बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जानकारी के अनुसार कक्षा 10वीं में अध्ययनरत छात्रा परीक्षा देने के लिए आश्रम से निकल रही थी, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। छात्रा को तेज चक्कर आया और देखते ही देखते उसे भारी ब्लीडिंग शुरू हो गई। यह स्थिति देखकर मौके पर मौजूद लोग बिना देर किए उसे तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों द्वारा गर्भवती बताया, छात्रा की हालत लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने तत्काल उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल सुकमा रेफर कर दिया।
इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला, वहीं विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे।
घटना के बाद राजनीतिक हलचल तेज
मामले के तूल पकड़ते ही क्षेत्र में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए ब्लॉक के बीईओ, बीआरसी और अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मोर्चा ने लगाए गंभीर आरोप
बस्तरिया राज मोर्चा के पदाधिकारी, जिनमें महिला पदाधिकारी भी शामिल थीं, सीधे आवासीय विद्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने छात्राओं, स्टाफ और अधीक्षिका से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। जांच-पड़ताल के बाद मोर्चा के पदाधिकारियों ने अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि अधीक्षिका अपने कृत्यों को छुपाने के लिए गुमराह करने वाले बयान दे रही हैं।
कलेक्टर की निर्देशन पर आवासीय अधीक्षिका निलंबित
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कोंटा की अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को पदीय कर्तव्यों में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर अमित कुमार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 17 मार्च को कक्षा 10वीं की एक छात्रा की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर घटना के बाद गठित तीन सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट (20 मार्च 2026) में संस्था संचालन व छात्राओं की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर मुख्यालय बीईओ कार्यालय कोंटा नियुक्त किया गया है।
नगर की सड़कों पर छात्राओं का विरोध प्रदर्शन
इस कार्रवाई के कुछ दिनों बाद एक अलग ही स्थिति देखने को मिली। आज छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली छात्राएं अधीक्षिका के समर्थन में सड़क पर उतर आईं। अधीक्षिका को वापस लाओ के नारे लगाते हुए तख्तियां लेकर कोंटा नगर की सड़कों पर रैली निकालते हुए प्रदर्शन करने लगीं। छात्राओं का कहना था कि अधीक्षिका को गलत तरीके से हटाया गया है और उन्हें वापस लाया जाना चाहिए। स्थिति को देखकर प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। अनुविभागीय अधिकारी सुभाष शुक्ला, नगर निरीक्षक सलीम खाका सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से शांतिपूर्वक चर्चा की। अधिकारियों ने उन्हें समझाइश दी और समझाने के बाद छात्राओं का आक्रोश शांत हुआ, जिसके बाद उन्हें वापस आश्रम भेज दिया गया।
पहले भी विवादों में रही अधीक्षिका
अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को लेकर पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं। उन पर छात्रों के चावल बेचने जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जो मीडिया में भी उजागर हुए थे। साथ ही पूर्व कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के कार्यकाल में यह आरोप भी लगा था कि उन्होंने अपने पद को बनाए रखने के लिए छात्राओं को सिफारिश हेतु आगे किया, जिससे काफी विवाद हुआ था। बताया जाता है कि एक समय उनकी जगह दूसरी अधीक्षिका की नियुक्ति भी की गई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव और सिफारिश के चलते उन्हें फिर से पद पर बहाल कर दिया गया। ऐसे में एक बार फिर कोंटा नगर में छात्राओं के समर्थन के सहारे अधीक्षिका के पक्ष में माहौल बनता दिखाई दिया, जिससे पुराने विवादों की याद ताजा हो गई।बाइट-S.K DEEP(BEO)
बाइट-वीर बद्रा (BRC)
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