रिपोर्टर - धर्मेंद्र यादव
धमतरी/नगरी - कहते हैं अफसर कुर्सी पर बैठकर रिपोर्ट देखते हैं, लेकिन नगरी जनपद के सीईओ नारद मांझी ने इस धारणा को तोड़ दिया।
विकास की जमीनी हकीकत जानने के लिए सीईओ खुद नगरी विकासखंड के अंतिम छोर के दुर्गम गांवों में पहुंचे। जहां गाड़ी नहीं जा सकी, वहां पैदल चलकर, नदी पार कर निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया।
5 सितंबर को सीईओ मांझी ने ग्राम पंचायत खल्लारी, रिसगांव, फरसगांव और करही का दौरा किया। यहां प्रधानमंत्री आवास, बालिका शौचालय, शाला के अतिरिक्त कक्ष और आंगनबाड़ी भवनों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने दो टूक कहा - काम में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। सभी निर्माण समय पर और मानकों के अनुरूप पूरे हों।
अधूरे पड़े प्रधानमंत्री आवासों को जल्द पूरा करने, स्कूलों में बन रहे अतिरिक्त कमरों और आंगनबाड़ी भवनों को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। ताकि गांव के बच्चों और महिलाओं को अच्छी सुविधा मिल सके।
दुर्गम रास्तों के बावजूद सीईओ का पैदल चलकर गांव-गांव पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पहली बार कोई बड़ा अफसर उनके गांव नदी पार कर पहुंचा है।
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