खबर बाज न्यूज़

धान में कीट-रोग का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की सलाह

 
(खबरबाज न्यूज)धमतरी
खरीफ 2026 में जिले में 1.39 लाख हेक्टेयर में लगी धान की फसल कंसे से बाली अवस्था में है। लगातार बारिश और नमी से कीट-रोग के प्रकोप की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए सामयिक सलाह जारी की है।

विभाग ने किसानों से रोज खेत का निरीक्षण करने और प्रकोप आर्थिक क्षति स्तर से अधिक दिखने पर विभागीय अमले या वैज्ञानिकों की सलाह से ही दवा छिड़काव करने की अपील की है।

प्रमुख कीट और नियंत्रण
तना छेदक: बीच की कंसे सूखना (डेड हार्ट) और सफेद बाली इसका लक्षण है। नियंत्रण के लिए कारटाप 4% दानेदार 10 किलो/एकड़ या कारटाप 50% एसपी 400 ग्राम/एकड़ का उपयोग करें।

भूरा फुदका (BPH): पौधे के निचले हिस्से से रस चूसकर पौधा सुखा देता है (हॉपर बर्न)। खेत से पानी निकालें और इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल 50 मिली/एकड़ का छिड़काव करें।

पेनिकल माइट: दानों में खोखलापन और बालियों पर भूरे-काले धब्बे। डायफेनथ्यूरोन 50 WP 120 ग्राम + प्रोपीकोनाजोल 25 EC 200 मिली/एकड़ का छिड़काव करें।

रोग प्रबंधन: ब्लास्ट रोग में ट्राईसाइक्लाजोल 75% WP 120 ग्राम/एकड़ तथा जीवाणु पत्ता झुलसा में स्ट्रेप्टोमाइसिन + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव सलाह अनुसार करें।

विभाग ने सुबह-शाम ही छिड़काव करने और अनुशंसित मात्रा का ही उपयोग करने की सलाह दी है। अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post